:
Breaking News

बिहार में IAS अधिकारियों के अतिरिक्त प्रभार में बड़ा बदलाव, जय सिंह वित्त विभाग से मुक्त, प्रणव कुमार को नई जिम्मेदारियां

top-news
https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

बिहार सरकार ने IAS अधिकारियों के अतिरिक्त प्रभार में बदलाव करते हुए जय सिंह को वित्त विभाग के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त किया है। वहीं प्रणव कुमार को भवन निर्माण विभाग सहित कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

पटना/आलम की खबर:बिहार में प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी और संतुलित बनाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने एक बार फिर आईएएस अधिकारियों के अतिरिक्त प्रभार में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी शुद्धि-पत्र के माध्यम से कई अधिकारियों की जिम्मेदारियों में आंशिक संशोधन किया गया है। यह आदेश राज्यपाल के निर्देश पर जारी किया गया है और इसे तत्काल प्रभाव से लागू माना जाएगा।

जारी अधिसूचना के अनुसार वर्ष 2007 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी जय सिंह, जो वर्तमान में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव के रूप में कार्यरत हैं, उन्हें वित्त विभाग (संसाधन) के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त कर दिया गया है। इससे पहले 10 मई 2026 को जारी आदेश में उन्हें यह अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई थी, लेकिन अब संशोधित आदेश के बाद वे केवल अपने मूल विभाग की जिम्मेदारी ही संभालेंगे।

सरकार के इस फैसले के बाद अब जय सिंह पर केवल राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग से जुड़े कार्यों की जिम्मेदारी रहेगी। प्रशासनिक हलकों में माना जा रहा है कि इस बदलाव से विभागीय कार्यों में अधिक फोकस और गति आएगी, क्योंकि वित्त विभाग जैसे संवेदनशील क्षेत्र में अलग से प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है।

इसी क्रम में वर्ष 2008 बैच के आईएएस अधिकारी प्रणव कुमार की जिम्मेदारियों में भी बड़ा बदलाव किया गया है। सरकार ने उन्हें सचिव, भवन निर्माण विभाग, बिहार, पटना के पद पर पदस्थापित किया है। इसके साथ ही उन्हें कला एवं संस्कृति विभाग, जांच आयुक्त सामान्य प्रशासन विभाग तथा बिहार राज्य फिल्म विकास एवं वित्त निगम, पटना के प्रबंध निदेशक का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है।

हालांकि, नए आदेश में यह स्पष्ट किया गया है कि प्रणव कुमार को बिहार राज्य भवन निर्माण निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त कर दिया गया है। यह जिम्मेदारी अब वर्ष 2019 बैच के आईएएस अधिकारी कुमार अनुराग के पास पूर्ववत बनी रहेगी। इससे भवन निर्माण निगम में प्रशासनिक निरंतरता बनाए रखने की कोशिश की गई है।

सरकार द्वारा जारी शुद्धि-पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि पूर्व में 10 मई 2026 को जारी अधिसूचना में कुछ तकनीकी संशोधन आवश्यक थे, जिन्हें अब सुधार कर लागू किया गया है। इस बदलाव को प्रशासनिक दक्षता और विभागीय समन्वय को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

प्रशासनिक विशेषज्ञों का मानना है कि बिहार सरकार पिछले कुछ समय से विभागीय संरचना को अधिक व्यवस्थित करने की दिशा में लगातार काम कर रही है। वित्त, भवन निर्माण, राजस्व और संस्कृति जैसे विभाग राज्य की विकास योजनाओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जाते हैं। ऐसे में जिम्मेदारियों का स्पष्ट बंटवारा कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी बना सकता है।

सूत्रों के अनुसार सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी अधिकारी पर अत्यधिक अतिरिक्त प्रभार का बोझ न रहे, जिससे विभागीय कार्यों की गति प्रभावित हो। इसी वजह से समय-समय पर अतिरिक्त जिम्मेदारियों में बदलाव किया जा रहा है।

भवन निर्माण विभाग को राज्य के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास की रीढ़ माना जाता है। सड़क, सरकारी भवन, कार्यालय और अन्य संरचनात्मक परियोजनाओं के क्रियान्वयन में यह विभाग महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ऐसे में नए प्रभार के साथ प्रणव कुमार से इस क्षेत्र में बेहतर प्रशासनिक समन्वय की उम्मीद की जा रही है।

वहीं राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग राज्य में भूमि से जुड़े मामलों, रिकॉर्ड और सुधार प्रक्रियाओं को संभालता है। जय सिंह के पास अब इस विभाग की पूर्ण जिम्मेदारी होने से भूमि सुधार कार्यों में अधिक फोकस और गति आने की संभावना जताई जा रही है।

कला एवं संस्कृति विभाग और बिहार राज्य फिल्म विकास एवं वित्त निगम जैसे संस्थानों को भी अब नई प्रशासनिक दिशा मिलने की उम्मीद है। सरकार का मानना है कि इन क्षेत्रों में भी योजनाओं को तेजी से लागू करने के लिए अनुभवी अधिकारियों की आवश्यकता होती है।

यह प्रशासनिक फेरबदल भले ही तकनीकी संशोधन के रूप में देखा जा रहा हो, लेकिन इसका असर राज्य की कार्यप्रणाली और विभागीय दक्षता पर पड़ना तय माना जा रहा है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि इन बदलावों का जमीनी स्तर पर क्या प्रभाव पड़ता है।

फिलहाल सामान्य प्रशासन विभाग के इस आदेश के बाद सभी संबंधित विभागों ने नई जिम्मेदारियों के अनुसार कामकाज की प्रक्रिया शुरू कर दी है। राज्य सरकार का यह कदम प्रशासनिक सुधार और बेहतर शासन व्यवस्था की दिशा में एक और प्रयास माना जा रहा है।

https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *